दलितों- अल्पसंख्यकों पर हमले के खिलाफ ,चंद्रशेखर आजाद रावण की रिहाई के लिए कंवेंशन

देश का विकास व युवाओं को रोजगार देने का वादा करके आयी भाजपा सरकार नफरत फैला रही है. इसकी साफ -साफ आवाज कोप्पल जिले के कूकानूर में आयोजित कार्यक्रम में कौशल विकास उद्यमिता मंत्री अनंत कुमार हेगड़े द्वारा दिये गये भाषण में सुनायी देती है, वे कहते है कि बीजेपी संविधान बदलने के लिए सत्ता में आयी है, जो लोग खुद को धर्म निरपेक्ष व वुद्धिजीवी मानते है, उनकी कोई पहचान नहीं होती है. उक्त बातें आइसा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य लखनऊ प्रेस क्लब में 03 जनवरी को सावित्रीबाई फुले के जन्म दिवस पर आयोजित कंवेशन में कही. उन्होने कहा कि भाजपा के बदलाव की दिशा रोजगार देने व विकास करने की नहीं है. अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) की नेता मीना सिंह ने कहा कि सरकार की कोशिश देश व प्रदेश में सांप्रदायिक- जातिवादी उन्माद व नफरत पैदा करके बांटने की है. अख़लाक़, पहलूखान, जुनैद, अफराजुल की हत्या इसी नफरत का ही परिणाम है. सरकार अख़लाक की हत्या के मामले में हत्यारों को सजा दिलाने के वजाय इस पर ज्यादा ध्यान दे रहीं है कि घर में रखा मांस किसका था. जुनैद की हत्या में तो सरकार हत्यारों को बचाने में ही लगी हुई है. अदालत के जज ने कहा कि एडिशनल एडवोकेट जनरल आरोपी पक्ष की तरफ से केस नहीं लड. सकते क्योंकि आप सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे है. एडवोकेट जनरल द्वारा आरोपी पक्ष को सुनवाई के दौरान पूछे जाने वाले सवाल को बताये जाने पर जज ने कहा कि इससे गलत संदेश जायेगा और पीड़ित पक्ष के बीच असुरक्षा की भावना पैदा करेगा. ये हरकत पेशेवर कदाचार माना जायेगा.
अध्यक्षता करते हुए जन संस्कृति मंच से जुड़े बुध्दिजीवी आर. के. सिन्हा ने कहा कि मुसलमानों के साथ-साथ दलितों पर सरकारी दमन तेज हुआ है. भीमा कोरेगॉव, ऊना, शब्बीरपुर सहारनपुर बनगी भर है.
सामंती मनुवादी शक्तियों द्वारा हुए हमलों के खिलाफ दलित प्रतिरोध भी तेज हुआ है, लेकिन सरकारों का रवैया सामंती शक्तियों के पक्ष में ही होता है. शब्बीरपुर शहारनपुर की दलितों की बस्तियाें को जलाने वाले ठाकुर जाति के लोगो को गिरफ्तार करके सजा देने के वजाय हमले का प्रतिवाद करने वाले भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ व उनके साथियों पर कई मुकदमें लादकर जेल में बंद कर दिया गया. जिस दिन उच्चन्यायालय इलाहाबाद से सभी मुकदमों में जमानत मिल जाती है उसी दिन चंद्रशेखर पर रासुका लगा दिया जाता है.

कन्वेंशन में उपस्थित लोग


आइसा -इनौस ने भीमा कोरेगांव में दलितों पर हमला करनें वालों को गिरफ्तार करने, मुसलमानों के खिलाफ नफरत व हत्या पर रोक लगाने,चन्द्रशेखर आजाद रावण पर से रासुका हटाकर अविलंब रिहा करने करने की मांग की. कन्वेंशन को आइसा नेता शक्ति रजवार, शैलेश पासवान, रिहाई मंच से राजीव यादव, चन्द्रशेखर आजाद रावण रिहाई आंदोलन के नेता मनीष कुमार, इनौस के नेता ओम प्रकाश, रणविजय सिंह, प्रियंका, टीपू सुल्तान, एक्टू नेता छोटे लाल,अतुल, मुकुन्द यादव ,राजीव ने संबोधित किया. संचालन शिवा रजवार ने किया.कन्वेंशन का आयोजन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) व इंकलाबी नौजवान सभा (इंनौस) के बैनर तले हुआ.

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